जस्टिस सूर्यकांत अब भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में CJI पद की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित कई बड़े राजनेता मौजूद थे। वे देश के सबसे ऊंचे न्यायिक पद पर लगभग 14 महीने तक कार्यरत रहेंगे।
बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत के पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण आर गवई थे। जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो चुका है। जिसके बाद राष्ट्रपति ने इससे पहले CJI गवई की सिफारिश के बाद, "संविधान के आर्टिकल 124 के क्लॉज (2) द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए" जस्टिस सूर्यकांत को भारत का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
जस्टिस गवई, ने रविवार को 65 साल की उम्र में CJI का पद छोड़ा, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को अपना उत्तराधिकारी बनाने की परंपरा को बनाये रखा।
कौन है जस्टिस सूर्यकांत
जस्टिस सूर्यकांत हरियाणा के निवासी हैं। जिनका जन्म 10 फरवरी, 1962 को हुआ था। उन्होंने 1984 में हिसार से अपनी कानूनी यात्रा की शुरुआत की, उसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ चले गए। इस दौरान उन्होंने कई तरह के संवैधानिक, सर्विस और सिविल मामलों को संभाला और हाईकोर्ट का प्रतिनिधित्व भी किया। वे जुलाई 2000 में हरियाणा का सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल के रूप में नियुक्त किये गए और 2001 में सीनियर एडवोकेट बन गए।
इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत 9 जनवरी, 2004 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के परमानेंट जज बन गए। 5 अक्टूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से उन्हें 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। और अब मुख्य न्यायाधीश भूषण आर गवई के सिफारिश पर उन्हें भारत का मुख्य न्यायाधीश का पद सौंपा गया। वे CJI पद पर 9 फरवरी 2027 तक बने रहेंगे।